वक्त नूर को भी बेनूर बना देता है

वक्त नूर को भी बेनूर बना देता है,
वक्त फकी़र को भी हजु़र बना देता है,
वक्त की कद्र कर ऐ बन्दे ,
वक्त कोयले को भी कोहिनूर बना देता है।

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