खामोशियां सब्र का इम्तिहान बन गयी

खामोशियां सब्र का इम्तिहान बन गयी,
मज़बूरियां प्यार में इल्ज़ाम बन गयी,
वो आये और आकर चले गये,
खुशियां चन्द लम्हों की महमान बन गयी।

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