वक्त और खुशियाँ तुम्हारे गुलाम होंगे,

वक्त और खुशियाँ तुम्हारे गुलाम होंगे,
हर समय और हर पहलु तुम्हारे नाम होंगे,
बस जरा मुड़कर देख लेना मेरे दोस्त,
तुम्हारे हर कदम के नीचे मेरे ही हाँथो के निशान होंगे।

Comments

Popular posts from this blog

जब निकले मेरा जनाजा तो गली-गली घुमा देना

दिल के बाजार में दौलत नहीं देखी जाती,