इस बार मेले में मजेदारी नहीं थी दोस्त Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - July 31, 2022 इस बार मेले में मजेदारी नहीं थी दोस्त वो लड़की अकेली थी पर कुंवारी नहीं थी दोस्त,,ये भी सच है वो सिर्फ मुझको देख रही थीये भी दुख है कि अब हमारी नहीं थी दोस्त| Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
जब निकले मेरा जनाजा तो गली-गली घुमा देना - December 28, 2017 जब निकले मेरा जनाजा तो गली-गली घुमा देना, जब उसकी गली आये तो मुँह से कफन हटा देना, कोई पूँछे ये मौत कैसे हुई तो मजबूरी मोहब्बत बता देना, जब पूँछे मेरी जान पता तो सीधा कब्रस्तान बता देना । Read more
दिल के बाजार में दौलत नहीं देखी जाती, - December 11, 2017 दिल के बाजार में दौलत नहीं देखी जाती, प्यार हो जाऐ तो सूरत नहीं देखी जाती, एक ही इंसान पर लुटा दो सब कुछ, क्योंकि पसन्द हो चीज तो कीमत नहीं देखी जाती। Read more
कई जीत बाकी हैं कई हार बाकी हैं - December 22, 2017 कई जीत बाकी हैं कई हार बाकी हैं, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है, यहाँ से चले हैं नई मंजिल के लिए, ये एक पन्ना था अभी तो किताब बाकी है। Read more
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